C Programming Language Basics Introduction in Hindi


Introduction to C Programming

C एक procedural oriented programming language (POP) है। जिसे Dennis Ritchie ने 1972 में bell laboratories में develop किया था। C language से पहले B language थी। जिसे Ken Thompson ने 1970 में bell laboratories में develop किया था। B language में बहुत सी कमिया थी। जिसे दूर करने के किये Dennis Ritchie ने C language develop किया था।

C language बहुत ही popularity language है। C language को सभी programming languages की जननी माना जाता है। क्योकि किसी भी दूसरी programming language को सीखने से पहले C language को सिखाया जाता है। C एक बहुत ही simple language है। बहुत सारी languages जैसे C++, C#, Java, PHP आदि languages C के syntax को अपनाया है।

C language को 1989 में American National Standards Institute (ANSI) और उसके बाद से International Standards Organization (ISO) के द्वारा standardize किया गया है।

C language का latest version C11 है।

Advantages and Disadvantages of C Programming

Advantages of C Programming Disadvantages of C Programming
Powerful and efficient language Concept of OOPs
Portable language Run-time checking
Built-in functions Concept of namespace
Quality to extend itself Lack of exception handling
Middle-level language Constructor or destructor
System programming Low level of abstraction

Advantages of C Programming

1. Powerful and efficient language:-

C एक robust language है और यह बहुत सरे data types को contains करता है और operations पे task perform करने के लिए operators हमको एक vast platform देते है ।

2. Portable language:-

C के बहुत flexible language है और यह machine-independent है जो आप को help करता है की आप अपने code को किसी भी machine में बिना किसी changes के run करा सकते है ।

3. Built-in functions:-

ANSI C में only 32 keywords है ये functions C program को building करने में help करते है ।

4. Quality to extend itself:-

C में ऐसी ability है जिससे खुद को extend कर सकती है जैसे की आप को पता है की C library एक set of functions होता है जिसे आप easily use कर सकते है और आप अपने स्वयं के functions को C Standard Library में add करके अपने code को simpler कर सकते है ।

5. Middle-level language:-

C एक middle-level programming language है मतलब यह high-level programming और low-level programming दोनों को supports करता है इसमें low-level programming kernels and drivers को support करता है और high-level programming system software applications को support करता है ।

6. System programming:-

C system based programming system को follows करता है इसका मतलब है कि hardware devices के लिए programming की जाती है ।

Disadvantages of C Programming

1. Concept of OOPs:-

C एक बहुत vast language, लेकिन यह OOPs (Inheritance, Polymorphism, Encapsulation, Abstraction, Data Hiding) को support नहीं करती है C simply procedural programming approach को follows करती है ।

2. Run-time checking:-

C programming language में, code की प्रत्येक line के बाद errors या bugs का पता नहीं लगाया जाता है । इसके बजाय, compiler programs लिखने के बाद सभी errors को दिखाता है । यह large programs में code की जाँच checking को बहुत complex बनाता है ।

3. Concept of namespace:-

C namespaces के concept को implement नहीं करता है ।

4. Lack of exception handling:-

Exception Handling programming languages का most important features है Exception Handling हमको error को पकड़ने और उचित responses लेने की अनुमति देता है । और C इस important feature को प्रदर्शित नहीं करता है ।

5. Constructor or Destructor:-

C constructor or destructor का use नहीं करता है Constructors & Destructors only object-Oriented Programming को support करते है ।

6. Low level of abstraction:-

C एक small and core machine language है जिसमें minimum data hiding और exclusive visibility होती है जो इस language की security को प्रभावित करता है ।